Sterling & Wilson: शेयर बाजार में SWSOLAR नाम से मशहूर सोलर स्टॉक में आज, गुरुवार को बाजार खुलते ही बड़ी हलचल देखने को मिली। शेयर 3 परसेंट से ज़्यादा चढ़कर ₹238 तक पहुँच गया और अब यह मामूली गिरावट के साथ ₹230 पर कारोबार कर रहा है। इस तेजी के पीछे की बड़ी वजह बाजार के जानकार Sterling and Wilson Renewable Energy (SWSOLAR) कंपनी को मिला विदेश से बड़ा ऑर्डर को बता रहे हैं।
जी हां, जानकारी सामने आई है कि, स्टर्लिंग एंड विल्सन कंपनी को दक्षिण अफ्रीका से पूरे 1313 करोड़ रुपये का एक एक और बड़ा ऑर्डर मिला है। इससे पहले इसी साल कंपनी को एक और ऑर्डर दक्षिण अफ्रीका से मिला था।
Sterling and Wilson को मिला दक्षिण अफ्रीका से 1313 करोड़ का ऑर्डर
कंपनी ने अपने एक्सचेंज फाइलिंग में बीएसई को बताया कि, उसे इस साल एक और दक्षिण अफ्रीका में 240 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बनाने का बड़ा काम मिला है। जिसकी लगात कीमत ₹1,313 करोड़ यानी लगभग 147 मिलियन डॉलर है। इस ऑर्डर के बाद अब कंपनी के पास के कुल ऑर्डर की वैल्यू 5,088 करोड़ रुपये से भी ऊपर निकल गई है।
विदेश में भी चल रहा है कंपनी का सिक्का
स्टर्लिंग एंड विल्सन कंपनी ने बताया कि की इस साल मिले दो ऑर्डर के चलते अब उनके पास दक्षिण अफ्रीका से मिले ऑर्डर की संख्या चार हो गई है और अब कंपनी दक्षिण अफ्रीका के चार बड़े ग्राहक के लिए चार सोलर प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। इसका साफ मतलब है कि उनका सिक्का विदेश में भी तगड़ा चल रहा है।
कंपनी के मुखिया बोले—”साउथ अफ्रीका है हमारा खास बाज़ार”
₹1,313 करोड़ का चौथा ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी के ग्लोबल सीईओ, चंद्र किशोर ठाकुर ने खुशी जाहिर करते हुए हुए कहा कि, “साउथ अफ्रीका हमारे लिए बहुत खास बाज़ार बनता जा रहा है। हम वहाँ चार ग्राहक के लिए चार बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। हमे मिले ये ऑर्डर दिखाते है कि, हमारा काम वहाँ के लोगों को काफी पसंद आ रहा है और दक्षिण अफ्रीकी बाज़ार में हमारी पकड़ मज़बूत है।”
तिमाही में नुकसान हुआ, पर कमाई बढ़ी
भलेही इस ऑर्डर के बाद आज शेयरों में जबरदस्त उछाल आया हो, लेकिन कंपनी की कमाई थोड़ी ऊपर-नीचे हुई है।
इस बार के दूसरी तिमाही नतीजों में कंपनी का नुकसान (Net Loss) ₹473 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹7 करोड़ के मुनाफे में था। लेकिन अच्छी बात ये है कि रेवेन्यू पिछले साल से के मुकाबले इस साल 70 परसेंट ज़्यादा बढ़कर ₹1,748 करोड़ हो गया। मतलब काम करने में कंपनी के पास कोई कमी नहीं है।
रिटेल इन्वेस्टर्स भी लगा रहे हैं दाँव!
पिछले एक साल में स्टर्लिंग एंड विल्सन के शेयरों ने 50 फीसदी से भी ज्यादा का निगेटिव रिटर्न दिया है। लेकिन फिर भी इस शेयर पर रिटेल इन्वेस्टर्स खूब दाव लगा रहे हैं। जून 2025 में जहां छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी 31.30 परसेंट थी, जो सितंबर 2025 तक बढ़कर 35.29 परसेंट हो गई।
यानी, इस बड़े विदेशी ठेके और रिटेल इन्वेस्टर्स की बढ़ती चाहत ने स्टर्लिंग एंड विल्सन के स्टॉक को मानो ऊँचाई दे दी है!
डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।
