ऐसा क्या है solarium green energy में जिसके चलते मुकुल अग्रवाल ने लगाए ₹17.7 करोड़! क्या छोटे निवेशकों को भी दाव लगाना चाहिए?

इन दिनों मीडिया में पोर्टफोलियो स्टार मुकुल अग्रवाल का नाम काफी चर्चा में हैं। क्योंकि उनके द्वारा सितंबर 2025 के तिमाही में Solarium Green Energy की 2.88 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी, जिसकी मार्केट वैल्यू 17.7 करोड़ रुपये है। ऐसे में पिछले कुछ महीनों से सुस्त पड़े इस सेक्टर में इनका निवेश करना और वो भी ऐसे शेयर में जो 52 हफ्ते के लो पर कारोबार कर रहा है। उसमें उन्होंने 17.7 करोड़ रुपए का निवेश किया। ऐसे में क्या सच में सोलारियम ग्रीन एनर्जी शेयर इतना अच्छा है? क्या छोटे निवेशकों को भी इसमें निवेश करना चाहिए? आइए पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट —

सोलारियम ग्रीन एनर्जी लिमिटेड कंपनी के बारे में

Solarium Green Energy Limited देश की एक जानीमानी ग्रीन एनर्जी सेक्टर से जुड़ी सौर ऊर्जा कंपनी है। सोलर एनर्जी से जुड़े डिज़ाइन, निर्माण और रखरखाव सहित टर्नकी सौर समाधान प्रदान करने का काम करती है। 2018 में बनी यह कंपनी गुजरात की है, जिसका मुख्यालय अहमदाबाद में है। सोलारियम ग्रीन एनर्जी कंपनी आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और सरकारी क्षेत्रों के लिए सौर पीवी मॉड्यूल के निर्माण का और उन्हें लगाने का काम करती है और अन्य उत्पादों की बिक्री, समाधान और स्थापना भी करती है।

कंपनी के सेवाओं की बात करें तो कंपनी डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, कमीशनिंग और संचालन और रखरखाव (O&M) जैसी टर्नकी सेवाएं प्रदान करती है। वही ये सौर पीवी मॉड्यूल, सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम, सोलर माउंटिंग सिस्टम और सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम जैसे उत्पाद बनाती हैं। यानी कंपनी अपने ग्राहक को प्लानिंग से लेकर पावर जनरेशन तक की पूरी सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराके देती है। कंपनी का यही वो मॉडल है, जो निवेशकों को आकर्षित करता है। क्योंकि इससे रेवेन्यू के कई स्रोत बनते हैं। बता दें कि, सोलारियम ग्रीन एनर्जी लिमिटेड शेयर बाजार में BSE पर SOLARIUM के कोड नाम से लिस्टेड है।

निवेशक मुकुल अग्रवाल का सोलारियम ग्रीन एनर्जी कंपनी में है ₹17.7 करोड़ का निवेश

ताजा शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, जानकारी सामने आई है कि, दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने Q2 FY26 के तिमाही में करीब 7,456.4 करोड़ रुपये की वैल्यू वाले 71 स्टॉक्स में निवेश किया। जिसमें से उन्होंने 4 SME कंपनियों में 2 फीसदी से 7.56 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदी। जिसमें से एक कंपनी सोलारियम ग्रीन एनर्जी भी है। इस कंपनी में सितंबर तिमाही Q2 FY26 में निवेशक मुकुल अग्रवाल ने 2.88 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी, जिसकी मार्केट वैल्यू 17.7 करोड़ रुपये है।

मुकुल अग्रवाल ने क्यों लगाया सोलारियम ग्रीन एनर्जी शेयर पर दाव

एक निवेशक के तौर पर ये बात आपको जरूर मालूम होगी कि, SME सेगमेंट में आने वाली कंपनियां बाजार मूल्य के हिसाब से छोटी जरूर होती हैं, लेकिन इनके बिजनेस मॉडल में तेज ग्रोथ की संभावना होती है। यही वजह है कि, कई दिग्गज निवेशक भी इन कंपनियों पर भरोसा जताते हैं।

मुकुल अग्रवाल का इतना बड़ा इनवेस्टमेंट यही संकेत देता है कि, उन्हें सोलारियम ग्रीन एनर्जी कंपनी का—

✅ बिजनेस मॉडल

✅ सोलर निर्माण कार्य

✅ प्रबंधन की पारदर्शिता ऑर्डर विजिबिलिटी

✅ वित्तीय प्रदर्शन

✅ शेयर की कीमत और रिटर्न 

काफी पसंद आया, ऐसा प्रतीत होता है। बता दें कि, इनका स्टाइल ग्रोथ + स्केलिंग कैपेसिटी वाली कंपनियों पर दांव लगाने का है। जब भी अग्रवाल किसी स्मॉल-कैप में प्रवेश करते हैं, तो वह कंपनी अगले 1–3 सालों में बड़ी छलांग लेती दिखाई देती है।

SOLARIUM Green Energy Limited का बिजनेस मॉडल

सोलारियम ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का बिजनेस मॉडल काफी विविधता से भरा है। कंपनी का बिजनेस मॉडल टर्नकी सोलर सॉल्यूशंस (टर्नकी सोलर सॉल्यूशंस) पर आधारित है, जिसमें कंपनी अपने ग्राहकों को डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस जैसी पूरी सेवाएँ देती हैं। इसके अलावा, कंपनी सौर उत्पाद जैसे PV मॉड्यूल्स और इनवर्टर को निर्माण करके उन्हें बेचती है और सोलर पंप, स्ट्रीटलाइट और फ्लोटिंग सोलर सिस्टम्स में भी काम करती है, जिससे इसके बिजनेस में विविधता आती है।

कंपनी प्रबंधन की पारदर्शिता ऑर्डर विजिबिलिटी

ये कंपनी अपने प्रबंधन पारदर्शिता और ऑर्डर विजिबिलिटी के काफी मशहूर है। कंपनी अपने बिजनेस में क्या क्या चल रहा है, इसकी सारी जानकारी देती हैं। वो किसी भी चीज को छुपाती नहीं। कंपनी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी SEBI को अपने एक्सचेंज फाइलिंग में नियमित रूप से देती रहती हैं। जैसे कि, नए ऑर्डर को लेकर, किसी बड़े बदलाव को लेकर और वित्तिय परिणामों, आय आदि सभी को लेकर।

कंपनी अपनी वार्षिक रिपोर्ट, आय सम्मेलन कॉल ट्रांसक्रिप्ट और नीतियों को निवेशकों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट के “इन्वेस्टर्स” (Investors) अनुभाग में समय समय पर प्रकाशित करती है। कंपनी अपने ग्राहकों के लिए कस्टमर केयर सपोर्ट भी प्रदान करती है। यदि आप भी जांचना चाहते है तो, आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट solariumenergy.in पर विजित करके देख सकते हैं।

स्मार्ट निवेशक को किसी भी कंपनी के प्रबंधन की पारदर्शिता ऑर्डर विजिबिलिटी काफी पसंद आती हैं। इससे कंपनी के ग्रोथ का पता चलता है। इसी कारण से संभवतः मुकुल अग्रवाल को ये स्मॉल कैप कंपनी का स्टॉक पसंद आया।

वित्तीय प्रदर्शन

कंपनी की लिस्टिंग इसी साल फरवरी 2025 में हुई है। फिर भी कंपनी ने लिस्टिंग के एक साल पहले के यानी FY24 के और लिस्टिंग के बाद के FY25 के नतीजे बाजार को बताए हैं।

पिछले दो वित्त वर्षों की तुलना करे तो, कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष FY24 में कंपनी का Revenue जहां 177.4 करोड़ रुपए थी। वह वित्त वर्ष FY25 में 29.7% से बढ़कर 230 करोड़ पर पहुंच गई। नेट प्रॉफिट भी 15.74 करोड़ से 18.1% उछल कर 18.59 करोड़ पर पहुंच गया। सोलारियम ग्रीन एनर्जी कंपनी ने FY26 की पहली छमाही में भी अच्छा प्रदर्शन किया।

✅ Revenue बढ़ा 43% YoY → ₹417 करोड़

✅ Gross Margin बढ़ा 65%

✅ EBITDA में 36% का उछाल

ये तब है जब इस सेक्टर में Monsoon slowdown चल रहा है। सरकार का GST 2.0 rollout issues हो चुका है। तथा बाकी मजबूत कंपनियां प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ऐसी चुनौतियां होने के बावजूद कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की। यही फाइनेंशियल स्ट्रेंथ मुकुल अग्रवाल जैसे स्मार्ट निवेशकों को आकर्षित करती है।

मजबूत ऑर्डर बुक

कंपनी का बाजार मूल्य जहां 595 करोड़ रुपए है, वहां इसके पास ₹229.00 करोड़ के मूल्य के ऑर्डर बुक है। इसके अलावा, कंपनी के पास

✅ टेंडर बिडिंग पाइपलाइन ऑर्डर: ₹900 करोड़ +

✅ सौर मॉड्यूल सप्लाई एग्रीमेंट: ₹140.00 करोड़ (नवंबर 2025 और जून 2026 के बीच डिलीवरी)

✅ नए ऑर्डर: ₹18.62 करोड़ (सौर मॉड्यूल की आपूर्ति के लिए)

हालिया प्राप्त ऑर्डर

कंपनी ने हाल ही में NTPC Vidyut Vyapar Nigam Ltd से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹18.78 करोड़ का ऑर्डर प्राप्त किया। NVVN से AIIMS-Rishikesh में रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए भी कंपनी को ₹4.34 करोड़ का ऑर्डर मिला है। NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited ने कंपनी को सलेम स्टील प्लांट के लिए भी एक और रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए ₹3.64 करोड़ का ऑर्डर दिया है। इनके अतिरिक्त —

✅ DRDO से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹8.22 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

✅ Kirloskar Solar Technologies से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए ₹35.33 करोड़ का ऑर्डर

✅ BSF जम्मू से सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए ₹3.06 करोड़ का ऑर्डर

✅ NVVN से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹26.62 करोड़ का ऑर्डर

इन ऑर्डर या प्रोजेक्ट्स की श्रृंखला देख कर आप समझ सकते हैं कि, कंपनी के काम की या ऑर्डर की कोई कमी नहीं है। कंपनी आने वाले कई सालों तक बीजी रहने वाली है, जो स्टॉक के लिए एक बड़ा पॉजिटिव साइन है।

शायद इन्हीं सब जरूरी फैक्टर्स को देख कर पोर्टफोलियो स्टार मुकुल अग्रवाल ने सोलारियम ग्रीन एनर्जी स्टॉक के 17.7 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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अब क्या छोटे निवेशकों को भी सोलारियम ग्रीन एनर्जी में दांव लगाना चाहिए?

सोलारियम ग्रीन एनर्जी में पोर्टफोलियो स्टार मुकुल अग्रवाल जैसे देश के दिग्गज और स्मार्ट निवेशक द्वारा एंट्री लेने के बाद, छोटे निवेशकों के मन में भी इसे खरीदने का विचार आना लाजमी है। लेकिन क्या उन्हें देख कर हमें भी इस शेयर में निवेश करना चाहिए?

कंपनी के बिज़नेस मॉडल, ऑर्डर विजिबिलिटी, पारदर्शिता और वित्तीय प्रदर्शन को देखने पर तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है और एंट्री जरूर लेनी चाहिए।

कंपनी का बिजनेस मॉडल जरूर भरोसेमंद लेकिन लेकिन SME stock रिस्क के साथ आते हैं। क्योंकि इसमें वोलैटिलिटी बड़ी होती है। ध्यान रहे सोलारियम ग्रीन एनर्जी के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद जल्दी हाई छुआ और फिर अचानक से गिरावट आई। कंपनी के शेयर का सफर बेहद उतार–चढ़ाव से भरा रहा है।

जब 13 फरवरी 2025 को ₹202 पर स्टॉक की लिस्टिंग हुई, उसके तुरंत बाद सिर्फ 4 महीने में इसमें ₹484 का लाइफटाइम हाई 27 जून 2025 को छुआ। उसके बाद फिर, ये लगातार गिरावट के साथ 52 वीक लो ₹252 पर पहुंचा और अब 2 दिसंबर 2025 का भाव ₹287 है। यानी स्टॉक अभी अपने 52 वीक लो के करीब है।

टेक्निकल एनालिसिस के हिसाब से स्टॉक फिलहाल बेयरिश मोड में है।

50-Day EMA: ₹318

100-Day EMA: ₹350

शेयर इन दोनों सपोर्ट लेवल्स से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है। ऐसे में इसमें निवेश करने पर मुनाफे के लिए लंबे समय तक रुकना होगा।

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बड़े इन्वेस्टर्स को देखकर निवेश न करें

मुकुल अग्रवाल ने कितना खरीदा, किस प्राइस पर खरीदा और उनका टारगेट / स्टॉपलॉस क्या है—यह किसी को नहीं पता।

इसीलिए सिर्फ बड़े निवेशक को देखकर स्टॉक पकड़ लेना हमेशा गलत रणनीति साबित होती है। बड़े निवेशक किसी शेयर को 700 रुपए पर खरीदकर 500 रुपए के लॉस पर 200 रुपए पर बेचने की हिम्मत रखते हैं। क्या हम छोटे निवेशक ऐसा कर सकते हैं, क्या इतना लॉस हम बुक कर सकते हैं?

आप सोच रहे होंगे कि, FII ने खरीदा है, मुकुल अग्रवाल ने खरीदा है, झुनझुनवाला जी ने खरीदा तो हम क्यों न खरीदे? वो मूर्ख हैं क्या? नहीं वो मूर्ख नहीं है, लेकिन उनके चक्कर में हम मूर्ख बन सकते हैं। क्योंकि हमे उनकी पोर्टफोलियो स्ट्रेटजी नहीं पता।

अगर आप 3–5 साल की लंबी अवधि के साथ कम जोखिम और ज्यादा धैर्य और वोलैटिलिटी सहने की क्षमता रखते हैं, तो आप Solarium Green Energy पर विचार कर सकते हैं। नहीं तो, अभी दूरी बनाकर रखना ही बेहतर है और सही बुलिश ट्रेंड का इंतज़ार करना बेहतर है।

अंत में,

साफ साफ शब्दों में कहे तो, सोलारियम ग्रीन एनर्जी कंपनी मजबूत है, बिजनेस मॉडल अच्छा है, और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं भी मौजूद हैं—लेकिन यह एक SME वोलैटाइल स्टॉक है।

इसलिए छोटे निवेशकों को सिर्फ चर्चा या बड़े निवेशकों को देखकर निवेश नहीं करना चाहिए, बल्कि डेटा, चार्ट और अपनी रिस्क क्षमताओं के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।

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