42.9 करोड़ अकाउंट में, फिर भी नहीं निकाल पाए ₹5 करोड़! Zerodha पर लगे गंभीर आरोपों पर कामथ ने तोड़ी चुप्पी!

Zerodha Withdrawal Limits Explained By Nithin Kamath: देश की सबसे बड़ी डिस्काउंट शेयर ब्रोकर कंपनी Zerodha (ज़ेरोधा) पर उनके ही एक इन्वेस्टर (निवेशक) ने बड़ा आरोप लगाया है। जिसके चलते शेयर ब्रोकर कंपनी Zerodha (ज़ेरोधा) एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। जीरोधा के एक इन्वेस्टर ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, उनके डिमैट अकाउंट में बहुत पैसा होने के बावजूद कंपनी उन्हें वह पैसा देने से से आनाकानी कर रही है।

क्या है डॉ. मालपाणी का आरोप?

डॉ. मालपाणी मुंबई के एक मशहूर IVF डॉक्टर के साथ साथ एक बड़े इन्वेस्टर भी है। लेकिन उन्हें उनके पैसे निकालने पर Zerodha से हुई परेशानी के चलते उन्होंने इस बात को सोशल मीडिया पर उठाया।

“डॉ. मालपाणी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, उनके ज़ेरोधा अकाउंट में उनके करीब 42.9 करोड़ रुपये है। लेकिन इतनी बड़ी अमाउंट होने के बावजूद Zerodha उन्हें एक दिन में 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम निकालने नहीं दे रहा है।”

डॉ. मालपाणी ने इसे एक ऑनलाइन स्टॉक मार्केट घोटाला” (Scam) बताया और इल्जाम लगाया कि कंपनी उनका पैसा मुफ्त में इस्तेमाल कर रही है।” 

इतने बड़े इन्वेस्टर के साथ कंपनी का इस तरह का व्यवहार होने के बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि, क्या ब्रोकर ग्राहक का पैसा उनके डिमैट खाते में होने के बावजूद उसे निकालने पर रोक लगा सकती हैं?

लोग सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें करने लगे, कुछ लोग डॉ. मालपाणी के सपोर्ट में बाते करने लगे और जीरोधा को ट्रॉल करने लगे तो, वही कुछ लोग ऐसे भी थे जो, कंपनी के सपोर्ट में बाते करते हुए कानून का पाठ पढ़ाने लगे।

Zerodha के मालिक नितीन कामथ ने क्या कहा?

इस घटना के बाद और पोस्ट वायरल होने के बाद आखिर कार Zerodha के मालिक और सह-संस्थापक नितीन कामथ को अपनी सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा और उन्होंने तुरंत इस आरोप का जवाब दिया।

क्या कहा नितिन कामथ ने

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए नितिन कामथ ने लिखा कि, डॉ. मालपाणी की पैसे निकालने की रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट किया गया है और इसको प्रोसेस किया जा रहा है।

पैसों की सुरक्षा का हवाला देते हुए नितिन कामथ ने कहा कि, 5 करोड़ रुपये की लिमिट यह कोई रोक नहीं है बल्कि यह सिर्फ एक जाँच है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।

उन्होंने आगे विस्तार से समझाते हुए लिखा कि, जब उनका कोई इन्वेस्टर एक बार में ही कोई बहुत बड़ी रकम निकालता है, तो उन्हें सुरक्षा के लिए उसकी एक एक्स्ट्रा जाँच करनी पड़ती है। अगर एक बार पैसे निकल गए, तो उन्हें वापस लाना मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा कि, यह एक्स्ट्रा जाँच धोखाधड़ी (Fraud) से बचाव के लिए है। ₹5 करोड़ वह लिमिट है जिसके ऊपर हम ग्राहकों को टिकट (शिकायत) बनाने के लिए कहते हैं, ताकि हम मैन्युअल रूप से जाँच कर सकें।”और यह नियम सिर्फ Zerodha में नहीं, बल्कि लगभग सभी बड़ी कंपनियों में होता है।

Zerodha के मालिक और सह-संस्थापक नितीन कामथ का ट्वीट

डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।

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