Nifty 50: हफ्ते का आखरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 21 नवंबर को शेयर बाज़ार में भारी उठा पटक देखने को मिली। आख़िरी कारोबारी घंटे में सेंसेक्स और निफ्टी में तगड़ी प्रॉफिट बुकिंग हुई। जिससे सेंसेक्स 401 अंक और निफ्टी 124 अंक गिरकर बंद हुआ। अकेले आख़िरी एक घंटे में ही निफ्टी करीब 100 अंक लुढ़क गया।
बिकवाली इतनी तेज थी कि, बाजार बंद होने तक निफ्टी पर इनवर्टेड हैमर कैंडल बनने के आसार दिखने लगे थे। और अंत में जिसका डर था वहीं हुआ। निफ्टी के डेली चार्ट पर उलटी हथौड़ी (Inverted Hammer) नाम की कैंडल बन ही गई।
Nifty 50 डेली चार्ट पर इनवर्टेड हैमर कैंडल बनने का मतलब
जो टेक्निकल एनालिस्ट होते है, वे इस कैंडल का मतलब भलीभांति जानते हैं। लेकिन जिनको इसके बारे में जानकारी नहीं है उन्हें बता दें कि, इस उलटी हथौड़ी का सीधा मतलब यह होता है कि, पहले दाम उपर गए, लेकिन वे ज्यादा देर तक वहां टिक नहीं पाए और दाम ऊपर के लेवल से नीचे खिंचकर आए हैं। जिससे जो कैंडल की जो इमेज बनी है। वह एक हथौड़े जैसी बनी है।
जब ऐसा मार्केट में होता है तब, इसका मतलब यह होता है कि, मार्केट ऊपर के लेवल पर सस्टेन नहीं हो पाया और प्रॉफिट बुकिंग या सेलिंग ऊपरी स्तर पर भारी मात्रा में हुईं, जो खरीददारों पर भारी पड़ी। जिससे कैंडल नीचे आ कर बंद हुई।
अब प्रॉफिट बुकिंग की कितनी संभावना?
Nifty 50 के डेली चार्ट पर जो रेजिस्टेंस या हाई बना है, वह 26,179 है। अब यही लेवल निफ़्टी को ऊपर जाने में बड़ी रुकावट (Resistance) बना हुआ है। ऐसे में जब तक निफ्टी 26,200 के ऊपर जाकर अपनी क्लोजिंग नहीं देता है, तब तक बाज़ार में उथल-पुथल (Volatility) बनी रह सकती है।
हालांकि, डेली चार्ट पर इनवर्टेड हैमर कैंडल बनने का सीधा मतलब यह नहीं है कि, अब बाज़ार गिर जाएगा। क्योंकि बाजार का जो ओवरऑल ट्रेंड है, वह अभी भी बुलिश (तेज़) है। ऐसे में ये इनवर्टेड हैमर कैंडल बनाना एक रिट्रेसमेंट या प्रॉफिट बुकिंग भी हो सकती है। जहां कुछ समय बिताने के बाद फिर से बाजार उपर की ओर निकल जाएगा।
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ट्रेडर्स कहाँ हो सकते हैं ‘ट्रैप’ (फँस सकते हैं)?
25,950 – 26,050 ये निफ्टी का मजबूत सपोर्ट एरिया है। यह ट्रेडर्स के लिए सबसे खास बाइंग ज़ोन है। यहां पर बायर ज्यादा एक्टिव होते हैं तो, यही से निफ्टी ऊपरी लेवल 26,200 की ओर बढ़ेगा। लेकिन एक संभावना ये भी दिखाई देती है कि, अगर निफ्टी 26,050 के नीचे फिसल जाता है, तो यह 25,950 तक आ सकता है। और यदी ग्लोबल सेंटीमेंट निगेटिव आते है और यहां पर भी बायर्स ज्यादा हावी नहीं होते है तो, निफ्टी इस लेवल से फिसलकर 25,800 के लेवल तक जा सकता है।
ट्रेडर्स 26,000 के लेवल को देखते हुए बड़ी बिकवाली की उम्मीद न करें। क्योंकि बाज़ार का सेंटीमेंट कमज़ोर नहीं हुआ है। ऐसे में अगर कोई फैसला लेना है तो सपोर्ट लेवल पर बायर्स का रिएक्शन देखकर ही फैसला लें।
आगे की चाल (Upside Target)
निफ़्टी को ऊपर जाने के लिए अब एक बार फिर 26,200 के ऊपर मज़बूती से बंद होना होगा। उसके बाद ही निफ्टी में तेजी की रैली देखने को मिलेगी। अगर निफ्टी ने 26,200 के ऊपरी लेवल को एक बार ब्रेक कर दिया, तो हमें निफ़्टी 50 पर नया ऑल टाइम हाई बनने के आसार मजबूती से दिखाई देंगे।
अंत में, अभी बाज़ार 25,950 – 26,050 के मजबूत सपोर्ट लेवल पर है। जब तक 26,000 का लेवल नहीं टूटता, तब तक डरने की बात नहीं है। प्रॉफिट बुकिंग में फ़ँसने के बजाय 25,950 – 26,050 के बाइंग ज़ोन पर नज़र रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।
