सरकारी शेयर IREDA में भारी गिरावट क्यों? जाने इस बड़ी गिरावट के पीछे की असल वजह 

भारत सरकार की इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एंजेसी कंपनी जो, NSE पर IREDA के नाम से लिस्टेड है। शुक्रवार, 5 दिसंबर को शेयर 2% से अधिक टूटकर एक बार फिर 52 हफ्ते के लो पर पहुंचे। इरेडा के शेयरों में गिरावट का ये सिलसिला पिछले 7 दिनों से लगातार जारी है। बता दें कि, पिछले 14 कारोबारी दिनों में से 13 कारोबारी दिनों तक IREDA के शेयर गिरावट में रहे हैं और इस दौरान स्टॉक में 11% से अधिक की करेक्शन दर्ज हुई है।

इरेडा में चल रही इस भारी बिकवाली के चलते, इसके शेयर अपने ऑल-टाइम हाई ₹310 (जुलाई 2024) से अब तक 60% टूट चुके हैं। इस साल YTD में 1 जनवरी से अब तक शेयरों में 40% की गिरावट दर्ज हुई है। वही एक महीने में ये करीब 12% तक लुढ़क चुका है।

ऐसे में सभी निवेशकों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि, आखिर धड़ाधड़ क्यों टूट रहा है ये सरकारी शेयर? क्या है इसकी वजह? आइए थोड़ा पोस्टमार्टम करते हैं।

why ireda share is falling | इरेडा का शेयर क्यों गिर रहा है?

इरेडा शेयर क्यों गिर रहा है इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। हम प्रत्येक पहलू पर नजर डालेंगे और जाएंगे कि, इरेडा स्टॉक में गिरावट क्यों आई है?

प्रॉफिट बुकिंग के चलते इरेडा शेयर गिर रहा है

जी हां! ये पढ़कर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन ये भी बड़ा कारण है जिसके चलते स्टॉक में गिरावट जारी है। बता दें कि, 2023 में IREDA का IPO आया था। उस समय इरेडा शेयर IPO प्राइस ₹32  थी और तब से बिना गिरावट आए इस शेयर ने 310 रुपए का ऑल टाइम हाई जुलाई 2024 में छुआ। आसान शब्दों में कहे तो, उस समय ireda stock अपने IPO प्राइस ₹32 के मुकाबले लगभग 10 गुना चढ़ गया था। वो भी सिर्फ 9 महीनों में!

चार्ट पर नजर डालें तो आप देखेंगे कि, तभी से इसमें लगातार गिरावट जारी है। लेकिन अभी भी ये अपने इश्यू प्राइस से 4 गुना से अधिक ऊपर है। जब स्टॉक इतना छप्परफाड़ मुनाफा दे तो, प्रॉफिट बुक करने की होड मच जाती है। जिससे स्टॉक लगातार टूटता रहता है। ऐसा ही कुछ इरेडा स्टॉक में भी होता हुआ नजर आता है।

म्युचुअल फंड ने भी घटाई हिस्सेदारी

आंकड़े बताते हैं कि, इरेडा में जिन म्युचुअल फंड ने पैसा लगाया था, वे अब बड़ा मुनाफा छापने के बाद इससे निकल रहे हैं। कई म्युचुअल फंड ने तो अपनी हिस्सेदारी ही खत्म कर दी है। ऐसे में म्युचुअल फंड द्वारा लगातार हिस्सेदारी घटाने से शेयर पर दबाव बना जिससे शेयर में गिरावट देखी जा रही है।

पिछले तिमाही में कई बड़े MF ने अपनी Holdings लगभग खत्म कर दी है। जिन म्युचुअल फंड ने अपनी हिस्सेदारी खत्म की है उनमें

✅ Aditya Birla Sun Life Arbitrage Fund Direct-Growth

✅ Nippon India Nifty Midcap 150 Index Fund Direct – Growth

✅ WhiteOak Capital Arbitrage Fund Direct-Growth

✅ Invesco India Arbitrage Fund Direct-Growth

✅ SBI Nifty Midcap 150 Index Fund Direct – Growth

✅ DSP Arbitrage Fund Direct – Growth

✅ ICICI Prudential Nifty Midcap 150 Index Fund Direct – Growth

✅ Kotak Arbitrage Fund Direct-Growth

ये कुछ प्रमुख MF fund है, जिन्होंने अपनी हिस्सेदारी खत्म कर दी है। ये जानकारी SCANx से ली गई है। जहां सभी MF fund का करंट डेटा दिया गया है।

FIIs & DIIs ने भी अपनी हिस्सेदारी कम की है

शेयरहोल्डिंग सिर्फ MF fund ने ही घटाई नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी निवेशक और घरेलू निवेशक भी शामिल। इन्होंने ने भी अपनी शेयरहोल्डिंग घटाई है।

FIIs की शेयर होल्डिंग इरेडा स्टॉक में जहां Jun 2025 में 2.04% थी, वो अब गिरकर Sept 2025 में 1.92% रह गई है। इसी तरह DIIs की शेयर होल्डिंग इरेडा स्टॉक में जहां Jun 2025 में 2.95% थी, वो अब गिरकर Sept 2025 में 2.57% तक सिमट गई है। इरेडा में FIIs & DIIs की हिस्सेदारी कम होना दिखाती है कि, स्टॉक एक तिमाही से लगातार दबाव झेल रहा था और इसी वजह से ये आए दिन टूट रहा है।

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पहली तिमाही Q2 FY26 में मुनाफा 50% गिरा

दूसरी तिमाही Q2 FY26 (सितंबर 2025) में इरेडा लिमिटेड का मुनाफा तिमाही आधार पर 122% उछलकर 549 करोड़ रुपए भले ही हो गया हो, लेकिन पिछली तिमाही यानी Q1 FY26 में मुनाफा तिमाही आधार पर 50.08% गिर गया था। वही सालाना आधार पर भी ये 40% तक गिर गया था। कंपनी का मुनाफा घटने से भी निवेशकों ने इससे दूरी बनाई। ऐसा नजर आता है।

नए फंड जुटाने की तैयारी (QIP Concerns)

IREDA द्वारा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए नए फंड जुटाने की खबरें भी बाजार में आ रही हैं।

CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि IREDA ₹3,000 करोड़ जुटाने के लिए एक और Qualified Institutional Placement (QIP) लाने की तैयारी में है। इससे पहले भी जून में कंपनी ने QIP के जरिए ₹2,000 करोड़ जुटाए थे। उस समय शेयर ₹165.1 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए गए थे।

जब कोई कंपनी QIP के जरिए बाजार मूल्य से कम पर नए शेयर जारी करती है, तो मौजूदा शेयरों की सप्लाई बढ़ जाती है और प्रति शेयर आय (EPS) कम होने की आशंका से शेयर की कीमत पर दबाव बढ़ता है।

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सभी मूविंग एवरेज पर बेयरिश मोड

यदि हम सिम्पल मूविंग एवरेज (SMA) और एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर नजर डाले तो, सभी मूविंग एवरेज पर स्टॉक बेयरिश मोड है। इसके अलावा MACD इंडिकेटर भी निगेटिव सिग्नल दिखा रहा है। साथ ही डेली चार्ट, वीकली चार्ट और मंथली चार्ट भी साफ बेयरिश सिग्नल दिखा रहा है। ऐसे में शेयर में और गिरावट आने के आसार नजर आते हैं।

शेयर 52-वीक लो पर

सोमवार को IREDA का शेयर ₹131.21 पर बंद हुआ, जो इसका नया 52-वीक लो है। कंपनी का शेयर 2025 में अब तक 41% से अधिक गिर चुका है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती करेक्शन और फंडरेज़िंग प्लान्स ने निवेशकों की भावना पर दबाव बनाया है।

अंत में, ऐसे कई सारे कारण हैं, जिसके चलते इरेडा स्टॉक गिर रहा है। चार्ट पर स्टॉक जिस तरह से गिर रहा है, वो साफ संकेत देता है कि, ये गिरावट और तेज होगी और स्टॉक और नीचे जाएगा।

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