₹150 की कीमत वाले इस मल्टीबैगर विंड एनर्जी स्टॉक पर म्यूचुअल फंड फिदा, अब कंपनी के हाथ लगा एक बड़ा सप्लाई ऑर्डर

Inox Wind: कई दिनों बाद आज, गुरुवार को जानीमानी विंड एनर्जी कंपनी Inox Wind सुर्खियों में आई है। कंपनी ने अपने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि, उसे एक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से 100 MW के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए इक्विपमेंट सप्लाई का ऑर्डर मिला है। लेकिन अच्छी न्यूज आने के बाद भी आज आईनॉक्स विंड शेयर में 1.30% की गिरावट दर्ज हुई और स्टॉक ने 148.5 रुपये के इंट्राडे लो को टच किया।

कंपनी को मिला बड़ा सप्लाई ऑर्डर

बीएसई को दिए एक्सचेंज फाइलिंग में आईनॉक्स विंड एनर्जी ने बताया है कि उसे देश की एक जानी-मानी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से 100 MW की कैपेसिटी वाले प्रोजेक्ट को विंड एनर्जी इक्विपमेंट की सप्लाई का ऑर्डर मिला है। कंपनी का कहना है कि, उसे ये 100 MW के सप्लाई का ऑर्डर गुजरात के उनके एक कस्टमर द्वारा उनके लिए बनाए जा रहे 3.3 मेगावाट (MW) विंड टर्बाइन के लिए है। मतलब उनका गुजराती कस्टमर उन्हें 3.3 मेगावाट (MW) के विंड टर्बाइन बनाकर देते है और अब उन्हें ही खरीद कर कंपनी सामने वाले को पार्टी को ये देंगी।

प्रोजेक्ट के तहत आइनॉक्स विंड उनके कुछ सेटअप कार्य भी संभालेगी जिसके माध्यम से कंपनी इंजीनियरिंग, सामग्री खरीदना और निर्माण कार्य आदि शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी काम चालू होने के बाद अगले कई सालों तक उनके रखरखाव और संचालन का भी ध्यान रखेगी।

कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

इस ऑर्डर के बाद आइनॉक्स विंड के सीईओ संजीव अग्रवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, कंपनी को मिला ये ऑर्डर उनके बाजार मजबूती को दर्शाता है तथा उन्हें जल्द ही और नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि, उन्हें ये उपलब्धि हाल ही में मिले 229 मेगावाट के ऑर्डर के बाद ये मिली है। अब उनके पास चालू वित्त वर्ष में कुल 400 मेगावाट के ऑर्डर हैं।

बता दें कि, आइनॉक्स विंड अपने 3 मेगावाट टर्बाइन मॉडल का इस्तेमाल करके प्रति वर्ष कुल 2.5 गीगावाट (GW) क्षमता वाले पवन टर्बाइनों का प्रोडक्शन कर सकती है। कंपनी की सहायक कंपनी आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज के साथ मिलकर, कंपनी लगभग 12.5 गीगावाट क्षमता के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट और एसेंट्स का मैनेजमेंट करती है।

सीईओ अग्रवाल ने ये भी बताया है कि, आइनॉक्स विंड उनके कई ऑर्डर पूरे करने के करीब है। अब कंपनी के हाथ लगे ये नए सौदे पूरे करने के लिए उनके पास 18-24 महीनों का पर्याप्त समय है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का बढ़ता रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, खासकर विंड एनर्जी, कई नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहा है.

म्यूचुअल फंड भी है Inox Wind पर फिदा

अच्छी खबर के बाद भलेही आज शेयर में 1.30% की गिरावट आई है लेकिन फिर भी कंपनी के स्टॉक पर म्यूचुअल फंड भी फिदा है। ट्रेंडलाइन के रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड ने सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को 6.98% से बढ़ाकर 7.93% कर दी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।

Leave a Comment