Inox Wind Energy: नवंबर का आखरी कारोबारी हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी खास रहा। इस हफ्ते में एक और निफ्टी ने जहां अपना 52 वीक हाई के साथ साथ नया ऑल टाइम हाई बनाया और ये 26,310.45 के स्तर पर जा पहुंचा। वही दूसरी ओर ग्रीन एनर्जी सेक्टर का दिग्गज स्टॉक इनॉक्स विंड स्टॉक अपने 52 वीक लो 128 पर पहुंच कर, अंत में 134.50 के स्तर पर बंद हुआ। आखिर ऐसा क्या हुआ कि, इनॉक्स विंड स्टॉक लगातार 52 वीक लो बना रहा है। आइए जानते हैं।
टेक्निकल एनालिटिक के आधार पर Inox Wind 52 week low पर क्यों कर रहा है कारोबार?
एक साल के डेली चार्ट पर नजर डालें तो, आप देखेंगे कि, इनॉक्स विंड शेयर लगातार गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वही इसके विपरीत निफ्टी 50 लगातार बुलिश बना हुआ है।

चार्ट साफ संकेत दे रहा है कि, इनॉक्स विंड लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। स्टॉक 52 हफ्ते के लो पर इसलिए भी कारोबार कर रहा है, क्योंकि ये लगातार 10 days EMA, 20 days EMA, 50 days EMA, 100 days EMA और 100 days EMA यानी मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे इसमें दबाव बढ़ते जा रहा है।
जहां 100 days EMA ₹158 के स्तर पर है, वही स्टॉक इससे 22 फीसदी नीचे कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी तरह से 100 days EMA का स्तर ₹149 पर है, जहां से इनॉक्स विंड 17 फीसदी नीचे कारोबार करता हुआ दिखाई पड़ रहा है। इसी तरह से ये 10 days EMA से 5%, 20 days EMA से 7.5% और 50 days EMA से 14% नीचे है।
ऐसे में जब भी कोई स्टॉक इन मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार करता है, तब स्टॉक लगातार नया 52 वीक लो बनाते जाता है। हर गिरावट पर ट्रेडर स्टॉक को बेच कर पैसे निकाल लेते हैं। ऐसा ही कुछ Inox wind energy stock को लेकर भी हो रहा है, जिससे inox wind share में भी लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
P/E रेशियो काफी अधिक होना भी गिरावट का एक बड़ा कारण
Inox wind share में जारी गिरावट की एक और बड़ी वजह इसका P/E रेशियो भी है। इनॉक्स विंड स्टॉक का P/E रेशियो 45.93 है, जो ग्रीन एनर्जी सेक्टर के औसत P/E (30.15) से काफी अधिक है। ऐसे में इतना ऊंचा प्रीमियम वैल्यूएशन तब तक उचित नहीं माना जाता, जब तक कि कंपनी मजबूत और लगातार लाभ वृद्धि न दिखाए। आसान शब्दों में कहे तो, अधिक P/E रेशियो के चलते निवेशकों में डर का माहौल है, जिससे स्टॉक लगातार पाताल में जा रहा है।
Inox Wind Share Price Momentum
इनॉक्स विंड एनर्जी शेयर प्राइस का मोमेंटम देखे तो, ये भी लगातार कमजोरी का सामना कर रहा है। जिससे शेयर शॉर्ट टर्म में, मिड टर्म में और लॉन्ग टर्म में भी निगेटिव रिटर्न दिखा रहा है। और शेयर प्राइस कमजोर होते जा रहा है।
स्टॉक का कमजोर ROE
इनॉक्स विंड का जो ROE है,जिसे हम रिटर्न ऑन इक्विटी कहते हैं, वह केवल 8.88% है। ये आंकड़ा बताता है कि, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की संभावना होने के बावजूद, और सरकार का अच्छा रिस्पॉस इस सेक्टर को मिलने के बावजूद, कंपनी अपने शेयरधारकों की पूंजी पर कुशलतापूर्वक रिटर्न नहीं कमा पा रही है।
दो तिमाहियों से मुनाफा घटा
स्टॉक में गिरावट की एक और वजह मुनाफे यानि नेट प्रॉफिट में आई गिरावट भी है। कंपनी का मुनाफा लगातार दो तिमाहियों में गिरा है। जहां पहली तिमाही Q1 FY26 में कंपनी का मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 44.8% घट गया है। जहां Q4 FY25 में ये 191.81 करोड़ रुपए था वह Q1 FY26 में महज 105.86 करोड़ रुपए रह गया। ठीक वैसे ही दूसरी तिमाही Q2 FY26 में तिमाही-दर-तिमाही में मुनाफा 13.3% गिरकर 91.73 करोड़ रुपए रह गया। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर नेट प्रॉफिट में आई इस गिरावट का असर शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है।
उच्च डेट और ब्याज लागत
कंपनी की बैलेंस शीट पर उच्च ऋण (Debt) और उस पर लगने वाली भारी ब्याज लागत (Interest Expense) इसके मुनाफे को लगातार प्रभावित करती है। चूंकि कंपनी का कारोबार पूंजी-गहन (Capital Intensive) है, इसलिए उच्च डेट शेयर प्राइस के लिए एक निरंतर जोखिम बना रहता है। उच्च ब्याज और ब्याज लागत के कारण भी स्टॉक में गिरावट जारी है।
नए ऑर्डर पर रोक
सरकार अब ग्रीन एनर्जी के नए टेंडरों पर रोक लगाने के बारे में विचार कर रही है। और ऐसे में यदि सरकार इस पर मोहर लगाती है और नए टेंडरों को रोकती हैं तो, कम्पनियों को टेंडर मिलना बंद हो जाएंगे। ज्यादा गुंजाइश इसी को लेकर है कि, सरकार रोक लगाएंगी और, फैसले से पहले ही सरकार ने रोक भी लगाई है। इससे भी निगेटिव संभावना बनने से शेयर दबाव झेल रहे हैं।
बाज़ार में हड़कंप! सरकार ने रोके ग्रीन एनर्जी के नए टेंडर, इन 5 कंपनियों के शेयर पर होगा बड़ा असर
प्रॉफिट बुकिंग के कारण भी इनॉक्स विंड शेयर में गिरावट जारी है
जी हां, आपने सही पढ़ा है। यदि हम स्टॉक के परफार्मेंस पर नजर डाले तो, इनॉक्स विंड शेयर ने भलेही एक साल में 29% का निगेटिव रिटर्न दिया है। लेकिन पिछले तीन साल में शेयर ने 355% का और पिछले पांच साल में 1,000% का शानदार रिटर्न दिया है। ऐसे में पिछले एक साल से इनॉक्स विंड एनर्जी शेयर में जो 29% की गिरावट आई है और स्टॉक जिस तरह से 52 हफ्ते के लो पर कारोबार कर रहा है इसके पीछे की वजह प्रॉफिट बुकिंग नजर आती हैं। इतना रिटर्न मिलने के बाद प्रॉफिट बुक करना आम बात है।
अंत में,
Inox Wind में कमजोरी का मुख्य कारण उच्च P/E के साथ कमजोर ROE और भारी डेट है। इसके अलावा नेट प्रॉफिट में गिरावट, सरकारी नीति और मूविंग एवरेज से नीचे स्टॉक का कारोबार करना तथा, प्रॉफिट बुकिंग से स्टॉक गिर रहा है। आशा करता हूं, अब आप समझ गए होंगे कि, इनॉक्स विंड एनर्जी शेयर में गिरावट क्यों जारी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।
