Sensex-Nifty crash: आज बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे का दिन है। शुरुआती रूझानों में बीजेपी (एनडीए) की जीत के साफ संकेत दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहा है। बाजार के दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स Sensex-Nifty में गिरावट देखने को मिल रही है। खबर कवर करने तक Sensex ने 400 अंकों का गोता लगाया और वह 84,079 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। वही Nifty 50 में भी 122 अंकों की भारी गिरावट देखने को मिली थी।
जहां अब तक जितने भी चुनाव हुए, तब मार्केट ने नतीजों के मुताबिक रुझान दिए। जब जब बीजेपी और NDA को बढ़त हासिल हुई, तब तब बाजार में भी बढ़त देखने को मिली। लेकिन इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को खास तौर पर बीजेपी को जब प्रचंड बहुमत मिल रहा है तो, बाजार हरे निशान में कारोबार करने की जगह लाल निशान में कारोबार कर रहा है। मानो जैसे बाजार इस रुझानों से बाजार खुश नहीं हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इसके पीछे के क्या कारण हो सकते हैं।
NDA और BJP के जीत का जश्न पहले ही मना चुका मार्केट
11 नवंबर को जब बिहार का चुनाव समाप्त हुआ था, उसके बाद अगले दिन प्रमुख संस्थानों ने अपने एक्जिट पोल्स जारी किए। जिसमें ज़्यादातर एक्जिट पोल्स ने एनडीए की जीत दिखाते हुए बीजेपी सरकार बनने की संभावना दिखाई। इन एक्जिट पोल्स में बीजेपी एनडीए को बढ़त मिलती देख 12 और 13 नवंबर को शेयर बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया और वह इन दोनों दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। इसका साफ मतलब यही निकल कर आता है कि, बाजार बीजेपी एनडीए के जीत का जश्न पहले ही दो दिनों तक मना चुका है। इसलिए शुक्रवार यानी की आज मार्केट में एनडीए की जीत का असर नहीं दिख रहा है।
वैश्विक आर्थिक कारण से आज बाजार लाल निशान में
बिहार चुनावी नतीजे के आज के दिन, जो स्टॉक मार्केट में गिरावट दिख रही है वह राज्यों के चुनाव की तुलना में वैश्विक आर्थिक कारण के चलते आई है, ऐसा मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है।
बोनान्ज़ा के रिसर्च एनलिस्ट अभिनव तिवारी का मानना है कि, आज की गिरावट अमेरिका में क्या चल रहा है, ब्याज दरें कम होंगी या नहीं, विदेशी मार्केट, डॉलर की चाल आदि वैश्विक घटनाओं और आर्थिक स्थितियों से प्रभावित है। इसका मतलब, मार्केट को बिहार चुनाव से ज़्यादा मतलब आज वैश्विक हालात से है।
उनका कहना है कि, “राज्य चुनाव एक-दो दिन की बात है। असली खेल कंपनी के मुनाफे और ग्लोबल मार्केट का है।”
वही जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार ने बताया कि, चुनावी नतीजों पर शेयर बाजार ज्यादा देर तक काम नहीं करता, उसे इससे इतना फर्क नहीं पड़ता है कि, राज्य में किसकी सरकार बन रही हैं। उसे ज्यादा चिंता वैश्विक घटनाओं और आर्थिक स्थितियों से है। मतलब बाजार वास्तविक बुनियादी बातों पर निर्भर चिंता करेगा, यानी इस बात पर कि कंपनियों के मुनाफे में कितनी बढ़ोतरी होती है।
गुरुवार को ग्लोबल मार्केट में गिरावट
कल यानी गुरुवार रात ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिली। जिसका असर आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। गुरुवार को अमेरिका का शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। क्योंकि एनवीडिया और अन्य प्रमुख एआई-संबंधित कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। निवेशकों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद छोड़ दी। ऊपर से महंगाई अभी भी चिंता बनी हुई हैं। इसके अलावा केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में एकमत नहीं हैं। हर कोई अपनी-अपनी अलग-अलग राय रख रहा है।
बात करें जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजारों की, तो इन देशों के बाजारों में भी दिन की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। साथ ही इस सेक्टर का इंडेक्स चार हफ्ते में तीसरी बार बढ़ने की कगार पर खड़ा है।
अंत में,
बिहार चुनावी नतीजे कुछ भी आए और कोई भी जीते, बाजार पर इसका असर होने वाला नहीं है। भारतीय शेयर बाजार का समग्र रुझान अभी भी मज़बूत बना हुआ है। भारत की आर्थिक स्थिति—कम महंगाई, स्थिर कंपनी मुनाफ़ा और भारतीय निवेशकों का मज़बूत निवेश—शेयर बाज़ार को मज़बूत बनाए रखने की संभावना रखते हैं। बाजार बिहार चुनाव का असर पहले ही खा चुका था। ऐसे में आज की गिरावट का कारण बिहार चुनाव नहीं, बल्कि दुनिया की मार्केट है।बिहार में कौन जीतेगा—इससे लॉन्ग टर्म स्टॉक मार्केट की सेहत नहीं बदलती। भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है, इसलिए बड़ा डरने की जरूरत नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह लेख GreenEnergyShare.in पर निवेशकों को जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है।
